जीवन प्रमाण (पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र)
पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए डिजिटल इंडिया पहल के रूप में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने जीवन प्रमाण पोर्टल लॉन्च किया है। अब पेंशनभोगी को जीवन प्रमाण पत्र भौतिक रूप से जमा करने के लिए संवितरण एजेंसी के कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने के लिए आधार सक्षम बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण तंत्र का उपयोग कर सकता है।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) के लाभ:
- यह घर सहित कहीं से भी उत्पन्न किया जा सकता है यदि विंडोज/एंड्रॉइड आधारित डिवाइस में इंटरनेट है और इससे जुड़ा एसटीक्यूसी प्रमाणित बायोमेट्रिक उपकरण उपलब्ध है।
- डीएलसी के संबंध में पेंशनभोगियों को ऑटो एसएमएस।
- पेंशन संवितरण एजेंसी को डीएलसी का स्वत: हस्तांतरण।
- प्रसंस्करण के बाद पेंशन वितरण एजेंसी द्वारा एसएमएस भेजना।
पेंशन के लिए पूर्व-आवश्यकता यह है कि उनके पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण को डीएलसी की स्वीकृति के संबंध में आदेश जारी करना पड़ सकता है और उन्हें अपनी पेंशन वितरण एजेंसी के साथ पोर्टल पर बोर्ड पर जाना पड़ सकता है।
जीवन प्रमाण पोर्टल पर ऑन-बोर्डिंग के लिए पात्रता
2.1. स्वीकृति प्राधिकरण
निम्नलिखित पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण को शामिल किया जा सकता है:
- शीर्ष कार्यालय (जैसे भारत के माननीय राष्ट्रपति, भारत के माननीय प्रधान मंत्री के कार्यालय)
- केंद्र सरकार के कार्यालय।
- राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारी कार्यालय।
- केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों/कार्यालयों के तहत स्वायत्त निकाय/सांविधिक संगठन/समितियां।
- राज्य सरकार के मंत्रालयों/विभागों/कार्यालयों के अधीन स्वायत्त निकाय।
- केंद्र सरकार/राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम।
- संसद/राज्य विधान के माध्यम से बनाए गए निकाय ।
- न्यायिक संगठन।
2.2. संवितरण एजेंसियां
पेंशन वितरण एजेंसियों का अर्थ पेंशनभोगी के लिए जीवन प्रमाण पत्र प्रसंस्करण एजेंसी से है।
निम्नलिखित संवितरण एजेंसियां ऑन-बोर्डिंग के लिए पात्र हो सकती हैं:
- बैंक
- डाकघर
- राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारी कार्यालय (कोषागार)
जीवन प्रमाण पर संगठनों के ऑन-बोर्डिंग के लिए दिशानिर्देश
- केंद्र सरकार के कार्यालय
- केंद्र सरकार के स्वायत्त निकाय/सांविधिक संगठन/सोसायटी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम।
- राज्य सरकार के स्वायत्त निकाय/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम।
- संसद/राज्य विधान के माध्यम से बनाए गए निकाय ।
- न्यायिक संगठन।
स्वीकृति और संवितरण प्राधिकरण के लिए ऑन-बोर्डिंग प्रक्रिया
- स्वीकृति प्राधिकरण को अपनी संवितरण एजेंसी द्वारा डीएलसी की स्वीकृति से संबंधित आदेश को साझा करना होगा।
- ऑन-बोर्डिंग एजेंसियों को उपयोगकर्ता खाता बनाने के लिए पोर्टल पर ऑन-बोर्डिंग के लिए विधिवत हस्ताक्षरित फॉर्म अपलोड करना होगा।
- मंजूरी/संवितरण एजेंसी को डीएलसी देखने/निगरानी करने के लिए एक खाता मिल सकता है।
- बैंकों को जीवन प्रमाण एसएफटीपी सर्वर पर एसएफटीपी खाता प्रदान किया जाएगा। इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए बैंकों द्वारा अतिरिक्त फॉर्म भरने की आवश्यकता होती है, जिसमें आईपी को श्वेत सूची में शामिल होने का संकेत मिलता है।
संवितरण प्राधिकारी की जिम्मेदारियां
- सिस्टम पर शामिल संवितरण एजेंसी को नियमित आधार पर पोर्टल से डीएलसी डाउनलोड करना होगा।
- डाउनलोड किए गए डीएलसी को समय पर संसाधित किया जाना है।
- संवितरण एजेंसी को पेंशनभोगियों को एसएमएस के माध्यम से स्थिति से संबंधित डीएलसी भेजना पड़ सकता है।
आधार अधिनियम, 2016
- भारत सरकार ने आधार अधिनियम, 2016 को अधिनियमित किया है।
- मंजूरी देने वाले अधिकारियों और संवितरण एजेंसियों को आधार अधिनियम, 2016 का पालन करना होगा।
- डीएलसी डेटा को पेंशनभोगियों की मंजूरी और संवितरण एजेंसी (जैसा कि सहमति में निर्दिष्ट किया गया है) के अलावा किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जा सकता है।
- डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के मौजूदा तरीके के लिए एक ऐड-ऑन सुविधा है।
सरकार किसी भी उभरती जरूरतों/आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समय-समय पर उपरोक्त दिशानिर्देशों की समीक्षा कर सकती है
.
जीवन प्रमाण से संबंधित किसी भी स्पष्टीकरण के लिए, ईमेल भेजा जा सकता है
जीवनी[at]gov[dot]in
Visit: https://jeevanpramaan.gov.in/
Location : Collectorate | City : Wokha | PIN Code : 797111